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Social Welfare

समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएं
वृद्धावस्था पेंशन वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के बी0पी0एल0 या रूपये 4000/- तक मासिक आय वाले परिवारों के वृद्ध जनों को 1400 रूपये प्रति माह की दर से वृद्धावस्था पेंशन दिये जाने की व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों का चयन/स्वीकृति ग्राम पंचायत की खुली बैठक तथा नगरीय क्षेत्रों में चयन एवं स्वीकृति का अधिकार उपजिलाधिकारी को है। आय प्रमाण पत्र की स्थिति में आवेदक का कोई पुत्र या पौत्र 20 वर्ष से अधिक आयु का न हो। और यदि है तो आर्थिक विपन्नता में है और सहायता करने में असमर्थ है तो वह पात्रता में आयेगा।
विधवा पेंशन वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा 18 वर्ष से अधिक की आयु के सभी वर्गों की निराश्रित बी0पी0एल0 या रूपये 4000/- तक मासिक आय वाली विधवाओं को 1400 रूपये प्रति माह की दर से विधवा पेंशन दिये जाने की व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों का चयन/स्वीकृति ग्राम पंचायत की खुली बैठक तथा नगरीय क्षेत्रों में चयन एवं स्वीकृति का अधिकार उपजिलाधिकारी को है।
दिव्यांग पेंशन वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा 18 वर्ष से अधिक की आयु के 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले सभी वर्गों के बी0पी0एल0 या रूपये 4000/- तक मासिक आय वाली विकलांग जनों को 1400 रूपये प्रति माह की दर से दिव्यांग पेंशन दिये जाने की व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों का चयन/स्वीकृति ग्राम पंचायत की खुली बैठक तथा नगरीय क्षेत्रों में चयन एवं स्वीकृति का अधिकार उपजिलाधिकारी को है।
जन्म से विकलांग बच्चों को भत्ता उक्त योजना के अतिरिक्त प्रदेश सरकार द्वारा 18 वर्ष से कम आयु के 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले बच्चों के भरण-पोषण हेतु भी रूपया 700/- प्रतिमाह की दर से भत्ता दिये जाने का प्राविधान है।
परित्यक्ता विवाहित महिला, मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति की पत्नी एवं निराश्रित, अविवाहित महिलाओं हेतु पेंशन योजना उत्तराखण्ड में निवास करने वाली परित्यक्त विवाहित महिला, मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति की पत्नी एवं निराश्रित, अविवाहित महिलाओं को जो बी0पी0एल0 हो अथवा जिनकी मासिक आय रू 4000/- से अधिक न हो , में पात्र परित्यक्ता परित्यक्ता विवाहित महिला, निराश्रित अविवाहित महिलाओं को रूपये 1200/- प्रतिमाह की दर से एवं मानसिक रूप से व्यक्ति की पत्नी को रूपये 1400 प्रतिमाह की दर भरण-पोषण दिये जाने का प्राविधान है।
बौना व्यक्तियों को पेंशन प्रदेश में 21 वर्ष अथवा अधिक आयु एवं 4 फुट से कम ऊंचाई के व्यक्तियों को रूपये 1200/- प्रतिमाह की दर से दिये जाने का प्राविधान है। योजनान्तर्गत पात्रता हेतु आय सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है।
तीलू रौंतेली पेंशन ग्रामीण क्षेत्रो में कृषि व्यवसाय में संलग्न व्यक्तियों के कृषि कार्य करने 20 से 40 प्रतिशत विकलांगता होने के कारण रू 1200/ प्रतिमाह की दर से दिये जाने का प्राविधान है। योजनान्तर्गत पात्रता हेतु आय सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है।
किसान पेंशन उत्तराखण्ड राज्य में निवासरत 60 वर्ष से अधिक आयु के किसान जिनके पास 02 हैक्टेयर तक की भूमि हो तथा स्वयं की भूमि पर कृषि कार्य करते है। व किसी अन्य स्त्रोत से पेंशन प्राप्त न कर रहे हो को रू 1200/ प्रतिमाह की दर से किसान पेंशन दिये का प्राविधान है। योजनान्तर्गत पात्रता हेतु आय सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ भारत सरकार द्वारा संचालित इस योजना के अन्तर्गत बी0पी0एल0 परिवार के मुख्य कमाऊ व्यक्ति जिनकी आय 18 से 59 वर्ष तक हो, की मृत्यु होने पर शोक संतृप्त परिवार को रूपये 20000/- एकमुस्त दिये जाने का प्राविधान है।
अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान इस योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति के अन्त्योदय कार्ड धारक, बी0पी0एल0 श्रेणी ,अथवा रूपये 4000/- मासिक आय वाले परिवारों को उनकी पुत्री की शादी हेतु रूपये 50000/- का अनुदान दिये जाने का प्राविधान है। एक परिवार की अधिकतम 2 पुत्रियों को यह लाभ दिया जा सकता है।
विधवाओं की पुत्री की शादी हेतु अनुदान इस योजना के अन्तर्गत महिला कल्याण विभाग से विधवा पंेशन प्राप्त कर रही सभी वर्ग की अन्त्योदय कार्ड धारक , बी0पी0एल0 श्रेणी अथवा रूपये 4000/- मासिक आय वाली विधवाओं को उनकी पुत्री की शादी हेतु रूपये 50000/- का अनुदान दिये जाने का प्राविधान है। एक परिवार की अधिकतम 2 पुत्रियों को यह लाभ दिया जा सकता है।
अनुसूचित जाति हेतु अटल आवास योजना इस योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति के बी0पी0एल0 श्रेणी तथा रू0 32,000/- वार्षिक आय वाले आवासहीन परिवारों को जिनके पास अपनी भूमि उपलब्ध है तथा उन्हें अन्य किसी आवासीय योजनान्तर्गत पूर्व में लाभान्वित नहीं किया गया है, उन्हें आवास निर्माण हेतु पर्वतीय क्षेत्रों में रू0 38,500/- तथा मैदानी क्षेत्रों में रू0 35000/- की आर्थिक सहायता दो किस्तों में दिये जाने का प्राविधान है।
छात्रवृत्ति छात्रवृत्ति अनु.जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, अल्पसंख्यक व अन्य आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को देय है। इसके अन्तर्गत पूर्व दशम व दशमोत्तर कक्षाओं में छात्रवृत्ति दिये जाने का प्राविधान है।
जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र इस हेतु दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वयं सेवी संस्थाओं के मध्य जिला स्तर पर चयन किया जाता है। जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के प्रमुख कार्य यू.डी.आई.डी कार्ड बनाना, दिव्यांगजनों के लिये जागरूकता अभियान लगाना, दिव्यांगजनों के लिए राजकीय बसों हेतु बस पास सुविधा एवं अन्य निःशुल्क रियायति सुविधायें उपलब्ध कराना है।