वन तथा पर्यावरण

वन्य जीव एवं पर्यावरण-

गढवाल हिमालय में मन्दाकिनी घाटी में स्थित केदारनाथ कस्तूरी मृग विहार (सेंचुरी) प्रसिद है जो की लगभग 967 किलोमीटर वर्ग में फैला है | मन्दाकिनी घाटी कई हिरनों की निवाश स्थली है, जिसमे कस्तूरी मृग, बारहसिंगा ,चीतल ,स्वाम्प डियर ,थार गोरल ,भरल ,हिमालय लोमड़ी ,माउंटेन गोट .जंगली सुअर ,भालू .स्नो बियर ,जंगली बिल्ली आदि प्रमुख है|  जनपद में पक्षियों की विभिन्न प्रजातीय निवास करती है, जिसमे रेबीज, किंगफिसर, कोयल, चकोर,स्नोकोक,वुड पिजन आदि प्रमुख है|

पुष्प-

मंदाकिनी  घाटी में अनगिनत फूल , पुष्प , पेड़ – पौधे की भरमार है जो विभिन रंगों और खुशबूओं से भरपूर हैं| जिले के उच्च हिमालय क्षेत्रों में खिलने वाला ब्रह्म कमल उत्तराखंड राज्य का राज्य पुष्प है| बुराश ,फ्योली के फूलो से आच्छादित वृक्ष सबके मन को आकर्षित करते है| सेमल ,सरसु, , ढाक, जंगली गुलाब, बांज, चीड ,देवदार ,खडीक .तुन ,सुराइ,कैल,पापडी ,मौरू ,अंगू ,रीठा , अखरोट ,इमारती भीमल, बेडू ,गेंठी , तिमला, हरिज ,पैंया, ,कत्त्था,कचनार आदि ईधन और इमारती लकडिया के विक्षा जनपत में पाए जाने वाले मूल्यवान पेड़- पौधे हैं|

वनौषधियां-

अतीसस ,कुटकी ,वज्रदंती ,दारुहल्दी ,दालचीनी ,सालमपंजा .बज ,हथ्जोड़ी ,कपूर ,कचरी ,डोलू,मास्सी ,आरचा ,मीठा विष ,सताबरी ,घृत क्वार,हरड, आंवला ,कड़ी पता ,लटजीरा ,आमहल्दी .कडवी ,चोरा जटमासी ,धुप ,सालम ,मिसरी आदि प्रमुख वनौषधियां पर्वत शिखरों और वनों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं I अन्य वन उपज में झुला घास ,लीसा ,किन्गोड़ा ,हिंसर ,भमोरा ,काफल ,फरड ,चोरा आदि पाए जाते हैं |

खनिज-

पत्थर, रेता ,बजरी , स्लेट ,चूना ,लाल मिटटी आदि इसके आलावा नदी और झीलों से प्राप्त प्रमुख खनिज हैं |